“इंतजार”
हर तरफ जिंदगी की है रफ्तार,
चाहत हो किसी को किसी चीज़ की,
या चाहिए सिर्फ़ प्यार।
जो छूट गया, उसे जाने दो,
आएगा जो आने वाला, उस पल का,
बस सब्र करो, थोड़ा करो इंतजार।
आवाज़ दो या रहो मौन,
मत पूछो बार-बार, मत रहो बेखबर,
मत एहसास कराओ कि हो तुम कौन।
अपनी ही लय में बंधी है जिंदगी,
तुम मत दो अपने सुर इसे,
जरा कहने तो दो,
क्या ये कह रही है, किसकी कर रही है बंदगी।
खुद-ब-खुद रहस्य सामने आ जाएंगे,
जो बोए हैं बीज,
वही दरख़्त बनकर,
हमसाया बन जाएंगे।
जरूरी है इंतजार, सिर्फ़ इंतजार।
हर तरफ जिंदगी की है रफ्तार,
चाहत हो किसी चीज़ की,
या चाहिए सिर्फ़ प्यार,
जरूरी है इंतजार, सिर्फ़ इंतजार।